एक बिल्डर ने बीस साल पहले उच्च शिक्षित युवती से प्रेम विवाह किया। फिर संबंध खराब होने पर इस साल मार्च में हत्या कर शव नाले में फेंक दिया। दिल्ली पुलिस की छावला थाने की इस केस की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है।

बीते मार्च में साहिबी नदी से एक महिला का क्षत-विक्षत शव मिला था। पहचान पाना मुश्किल था, लेकिन गले की सोने की चेन और नथ पर बने हॉलमार्क ने मृतका की पहचान का दरवाजा खोला। जांच जब तह तक पहुंची तो महिला का पति अनिल ही हत्यारा निकला। उसने अपने नौकर की मदद से पत्नी की गला दबाकर हत्या की और शव को नदी में ठिकाने लगा दिया।

 

सीमा ने 2005 में अनिल से प्रेम विवाह किया था

सीमा उत्तराखंड के बागेश्वर की रहने वाली थी। नैनीताल विवि से एमएससी (गणित) करने के बाद नोएडा आकर नौकरी करने लगी। यहीं पर मोबाइल की दुकान पर उसकी मुलाकात अनिल से हुई थी। 2005 में दोनों ने प्रेम विवाह किया। शादी से उनके दो बेटे हैं। एक 16 साल का और दूसरा आठ साल का। अनिल पहले मोबाइल दुकान चलाता था, फिर प्रॉपर्टी के धंधे में उतर गया। कुछ ही साल में उसने अकूत संपत्ति बना ली, लेकिन कुछ वर्षों से पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ गई थी।

हत्याकांड में मृतका सीमा सिंह के पति अनिल सिंह और उसके घरेलू नौकर शिवशंकर पांडेय को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ दिल्ली की अदालत में तीन जुलाई को हत्या की धारा मेंआरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।

ऐसे मिला सुराग : जांच में चेन पर बना हॉलमार्क नकली निकला, लेकिन नथ पर बना हॉलमार्क असली था, जो तमिलनाडु के होसूर की एक ज्वैलरी फर्म का था। पुलिस ने वहां जांच करवाई तो पता चला कि यह फर्म देश की एक नामी आभूषण कंपनी के लिए हालमार्क बनाती है। कंपनी से जानकारी मिली कि यह नथ 26 जनवरी 2024 को द्वारका के एक शोरूम से सीमा सिंह नाम की महिला ने 71 हजार में खरीदी थी। खरीदार का पता द्वारका सेक्टर-10 का था। पुलिस जब उस पते पर पहुंची तो पता चला कि सीमा 11 मार्च से लापता थी। पुलिस ने मृतका की बहनों बबिता और नीमा को शव की तस्वीरें तस्वीरें दिखाई, तो सीमा की पहचान हुई।

 

 

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