
देहरादून में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आयुष्मान और राशन कार्ड बनाने के खुलासे से खाद्य विभाग हरकत में है। रविवार को खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए की राशन कार्ड बनाने में सभी मानकों का शक्ति से पालन किया जाए यदि किसी स्तर पर लापरवाही की बात सामने आएगी तो दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
रेखा आर्य खाद्य मंत्री ने कहा कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो पात्र को हां और आपात्र को ना अभियान को दोबारा चलाया जा सकता है। मालूम हो कि इस अभियान के तहत पिछली बार करीब एक लाख कार्ड निरस्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेना गलत है। ऐसा किसी सूरत में नहीं होना चाहिए सभी अधिकारियों को शुरू से ही सख्त निर्देश है कि अंत्योदय और सफेद कार्ड राज्य सुरक्षा योजना के मानकों का अच्छी तरह से पालन किया जाए।
मालूम हो कि अंत्योदय के लिए प्रतिमह ₹4000. सफेद कार्ड के लिए मासिक आय ₹15000 से कम आए होनी चाहिए। जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के कार्ड के लिए सालाना 5 लाख रुपए से कम आमदनी होनी चाहिए।
अब परिवार रजिस्टर से भी बनेगा आयुष्मान कार्ड
उत्तराखंड में फर्जी राशन कार्ड की वजह से आयुष्मान कार्ड निरस्त होने के मामले सामने आने के बाद सरकार अब राज्य के निवासियों को परिवार रजिस्टर से भी आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा देने जा रही है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से शासन को भेजे गए इस प्रस्ताव पर जल्द निर्णय की तैयारी है।
राशन कार्ड अभी तक आयुष्मान कार्ड का बेसिक दस्तावेज है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड है उन्हीं के आयुष्मान कार्ड बनते हैं। इसीलिए काफी लोगों ने आयुष्मान के लिए राशन कार्ड बना लिए जबकि पूर्ति विभाग के कहीं मानक को वह पूरा नहीं करते। पूर्ति विभाग ऐसे कानून को निरस्त कर रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई राशन कार्ड निरस्त होता है है तो पूर्ति विभाग या डीएम की रिपोर्ट के बाद ही आयुष्मान कार्ड निरस्त किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अपने स्तर से कार्ड निरस्त करने के लिए कोई अभियान शुरू नहीं कर रहा है।
बिना आय प्रमाण पत्र के नहीं बनेंगे राशन कार्ड
देहरादून जिले में अब बिना आय प्रमाण पत्र के किसी भी श्रेणी का राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा पूर्ति विभाग घर-घर जाकर सत्यापन करेगी। पूर्ति विभाग में हाल में जिलाधिकारी के आदेश पर कार्डों का सत्यापन किया था। सत्यापन में 136676 राशन कार्ड ऐसे पाए गए जो निष्क्रिय हैं। जबकि इन राशन कार्डों से 9428 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। फर्जीवाडे की आशंका पर 9428 आयुष्मान कार्डों के साथ जिले में 3323 राशन कार्ड भी निरस्त कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि जिले में ऐसे लोगों ने भी राशन कार्ड बना दिए जो पात्र की श्रेणी में नहीं आते हैं। या उनकी आय पांच रुपए से ज्यादा है। प्रशासन की शक्ति के बाद अब जिला पूर्ति विभाग ने राशन कार्ड बनाने के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य कर लिया है। जिला पूर्ति अधिकारी कैलाश अग्रवाल ने बताया कि अब तक बैंक डिटेल आधार कार्ड बिजली का बिल आदि डॉक्यूमेंट लेकर राशन कार्ड बन जाते थे। लेकिन भविष्य में इसके नियम सख्त कर दिए गए हैं।
3 साल से नहीं बने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के कार्ड
देहरादून में राष्ट्रीय खाद सुरक्षा के राशन कार्ड पिछले 3 साल से नहीं बने हैं। दरअसल जिले में राष्ट्रीय खाद सुरक्षा का कोटा 2.15 लाख राशन कार्ड है। जो फुल है। पुराने कार्डो में नई यूनिट जोड़ने में भी दिक्कत हो रही है। अब योजना के 2000 कार्ड निरस्त होने से नए राशन कार्ड बन सकेंगे। हालांकि पूर्ति अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि पहले राशन कार्ड में नाम जोड़े जाएंगे इसके बाद में कार्ड बनेंगे।

