ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल करने को बताया राजनीति से प्रेरित

Himgiri news—देहरादून के सहसपुर स्थित शंकरपुर में जमीन घोटाले में आरोपित कांग्रेसी नेता व पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजनीतिक दबाव के तहत उनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है। उन्होंने कहा कि उनके पास जमीन से जुड़े सारे कागजात सही हैं। अगर उनके खिलाफ आरोप सही साबित होते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने यह कि भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। वह उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं को दूध का धुला नहीं बता रहे हैं, गलतियां सबसे होती हैं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह भ्रष्टाचारी हैं।
ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के बाद शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस नेता हरक, सिंह रावत ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि, मेरे पास जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज हैं उपलब्ध
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी कर रहे मानसिक उत्पीड़न
गलतियां सबसे होती हैं, इसका अर्थ नहीं मैं भ्रष्टाचारी हूं
पत्रकारों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। एजेंसियों का इस प्रकार का दुरुपयोग पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईडी ने विपक्ष के 196 सांसद, विधायक व नेताओं के खिलाफ मुकदमें दर्ज किए। इनमें से केवल दो के खिलाफ ही कार्रवाई हो पाई है। उन्होंने कहा कि सुशीला रानी से उन्होंने वर्ष 2002 में इस भूमि को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय उन्होंने इसके कागजात देखे थे। यह जमीन सुशीला देवी के नाम पर 1959 से लेकर 2002 तक दर्ज थी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राजस्व मंत्री के रूप में कभी भी इस भूमि को खरीदने के लिए कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि एजेंसियों का दुरुपयोग करने वालों को सबक सिखाने के लिए उन्हें जेल जाना पड़ेगा तो वह जेल जाने से पीछे नहीं हटेंगे। उधर, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत, धस्माना ने कहा कि अदालत में हरक सिंह रावत के साथ न्याय होगा। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, वह साफ निकल आएंगे।