हिमगिरी न्यूज़ (खबर सच हैं) —
पौड़ी गढ़वाल के छोटे से गांव जेतोली गांव की गृहणी सूमा रावत आज किसी पहचान की मोहताज नहीं आज वह अपनी बेबाक रचनाओं गीतों कबिताओ के लिये जानी जाती हैं ओर आज सूमा रावत की अपनी एक अलग पहचान हैं। बस अब उनकी इस पहचान को उत्तराखंड राज्य स्तर पर लाने की कयावत चल रही हैं। पहाडो की संस्कृती सभ्यता पर हों या बर्तमान स्थितियों पर पौराणिक कथाओ पर हों या हंसी मजाक पर हर बात को अपनी जुबा पर गीत के माध्यम से लाती हैं ओर लोगो कई दिलो मे जगह बनाती हैं। आस पास अपने क्षेत्रों मे आज वह अनेकों कार्यक्रमो का हिस्सा बन अभी तक सूमा रावत हजारों लोगो को प्रभावित कर चुकी हैं।

गांव के छोटे छोटे कीर्तन-भजन कार्यक्रमो से बड़े मंचो पर छाने की हैं तैयारी
जहाँ पहले सूमा रावत अपने गांव के लोगो का मनोरंजन करती थीं धीरे धीरे उनको आस पास हीं मंच मिलने का सिलसिला स्टार्ट हों गया ओर उनकी प्रसिद्धि ओर फैलने लग गयी। अब तो शोसल मिडिया के तमाम लोग उनके साक्षात्कार करने के लिये जनके पास आ रहे हैं जिससे कि सूमा रावत का नाम अपने छेत्र मे ओर तेजी से फेल रहा हैं।
मनदीप सिंह की शोसल साइड पर साक्षात्कार से बड़ा मंच मिलने के आसार
अभी हाल हीं मे मनदीप सिंह ज़ी के अपने शोसल साइड यूं टुब चैनल पहाड़ के बोल से ओर अपने फेसबुक मनदीप सिंह पर चले सूमा रावत के साक्षात्कार नें हजारों लाखों ब्यूज नें बता कि प्रतिभा इनके अंदर कूट कूट के भरी हैं अब केवल उस प्रतिभा को निखारने के लिये ओर बाहर पूरे उत्तराखंड मे लाने के लिये बड़े मंचो की आवश्यकता पड़ेगी।
शोसल मिडिया पर मिले 3 लाख ब्यूज
मनदीप सिंह के शोसल साइडो पर सूमा रावत के स्वरचित गीत बीरबाला तिलू रोतेली गढ़वाल की गाथा. गढ़वाल मे बर्तमान मे बाघ एवं भालू के आतंक ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि सुनाये तो इन स्वरचित गीतों पर 3 लाख से भी अधिक दर्शकों की नजरो को देख़ डाक्टर पीतांबर दत्त बर्थवाल शोध सस्थान नें उनको तलब किया ओर सूमा रावत को उत्तराखंड संस्कृती विभाग से सम्मान देने को कहा गया हैं।

