हिमगिरी न्यूज़ (खबर सच है)—- आदर्श कॉलोनी वार्ड नंबर 65 डोभाल चौक शिव मंदिर में आदर्श कॉलोनी शिव मंदिर समिति द्वारा बड़ी धूमधाम से पांचवा मंदिर स्थापना दिवस मनाया गया जिसमें 11 नवंबर को रात भजन संध्या में सुरेंद्र कोहली एवं उनकी टीम ने गढ़वाली भजनों से सभी शिव भक्तों को मंत्र मुग्ध किया और सभी भक्तों को नाचने पर मजबूर कर दिया। करीव rat 12:30 बजे तक चलेगा इस भजन संध्या में रेनू बाला गायिका एवं ज्योति किरसाली गायक ने भजनो से पूरा माहौल शिवमय कर दिया। स्थानीय गायिका ज्योति भट्ट नें भी कुछ भजन गाकर अपनी प्रस्तुत दी।

पुराने लोगो नें रखी थीं 90 से पहले इस मन्दिर की नींव
बता दे कि 1990 में यह मंदिर कॉलोनी बसने से पहले यहां बस रहे लोगों द्वारा स्थापित किया गया था। यह पंचायत भूमि है और इस पंचायत भूमि में लोगों ने भगवान शिव के लिए भी एक स्थान निहित किया था। जिसमें लगभग 20-25 सालों तक कोई मंदिर निर्माण नहीं हुआ इसके बाद सन 2017 में पूर्व पार्षद नरेश रावत और उनकी टीम जिसमें की सुमन स्वरूप लाखेड़ा, सुमन सिंह भंडारी, भारत सिंह रावत, कमल सिंह गोसाई, सोहन लाल खंडूरी, चौथीराम यादव व अन्य कहीं लोगों ने इस मंदिर को बनाने का संकल्प लिया। और अपना योगदान के साथ-साथ कॉलोनी वासियों से भी चंदा एकत्र कर करके इस मंदिर का निर्माण करवाया कोरोना काल में यह मंदिर लगभग बनकर तैयार हो चुका था। लेकिन कोरोना के चलते यहां पर स्थापना नहीं हो पाई। 12 नवंबर 2021 के दिन शिव मंदिर समिति द्वारा शिव मंदिर में शिव परिवार और शिवलिंग स्थापित कर इस मंदिर को कॉलोनी वासियों के लिए पूजा अर्चना के लिए खोल दिया गया।

मन्दिर की जमीन पर थीं अतिक्रमणकारियो की पेनी नजर कही लोगो नें मन्दिर की जगह कर दी कम

गायत्री पूजा भंडार 6 नंबर पुल सूरज जी ने मंदिर में शिव परिवार व शिवलिंग की मूर्तियां समिति को भेट की।सुमन लखेड़ा अध्यक्ष मन्दिर निर्माण समिति बताते है कि धीरे-धीरे शिव मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा था। 90 से पहले जब इस मंदिर की नींव रखी गई थी तब इस मंदिर की लंबाई और चौड़ाई 30 × 60 थी लेकिन 2017 में जब मंदिर की चार दीवारी की गई तो इस मंदिर की लंबाई चौड़ाई मंत्र 24 ×45 की रह गई मंदिर की जमीन चारों तरफ से अतिक्रमण के कारण कम हो रही थी। जिसको बचाने का काम बाद में शिव मंदिर समिति ने किया और आज इस स्थान पर शिव मंदिर के साथ-साथ एक बहुत बड़ा बैठने का स्थान बनाया गया? आज यहाँ अनेकों प्रकार के देव कार्य तो होते हीं है। साथ हीं कही आवश्यक बैठके भी होती है। कोरोना काल में इसी मंदिर परिसर में हजारों गरीब प्रवासी लोगों के लिए खाने की किचन समिति द्वारा लगाई गई थी और समय-समय पर इस मंदिर मैं समिति मेडिकल कैंप व सामाजिक कार्य करती रहती है।
2001 से इस स्थान में हो चुके है कही देव कार्य- समिति

इस मंदिर स्थल पर 2001 से अब तक लगभग सात माता के जागरण 3 भागवत कथाएं एवं 2 शिव कथाओ का आयोजन हो चुका है।इसके अलावा इस मंदिर में पांच स्थापना दिवस और महा शिवरात्रि सावन के महीने में भंडारे इत्यादि करवाने का काम लगातार शिव मंदिर समिति करती आ रही है।

पूर्व पार्षद ओर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका इस मंदिर में केंसी रही
शिव मन्दिर संस्थापक नरेश रावत पूर्व पार्षद कहते है कि वह 2001 से लगातार इस स्थान पर देव कार्य करते आए है। कुछ लोग उनके साथ लगातार कार्यक्रम में शामिल रहते है ओर ये वही लोग है जिन्होंने बाद में शिव मन्दिर निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाई जिसमे सुमन लखेड़ा,सोबन सिंह भंडारी,कमल गुसाई,भरत सिँह रावत,सोहनलाल खंडूरी, चौथीराम यादब,आदि लोग है।
साथ हीं वह सभी दानदाताओं ओर सहयोगियों का भी आभार ब्यक्त करके कहते है कि बिना सहयोग ओर साथ के इतने बड़े बड़े आयोजन करना संभव नहीं है खासकर मोहल्ले में मातृ शक्ति का योगदान ज्यादा है ओर मातृ शक्ति की सहभागिता से हीं हर साल यह कार्यक्रम हो पाते है।
पूर्व पार्षद रहते नरेश रावत नें अनेकों विकास कार्य अपने वार्ड में करवाये खासकर मलिन वस्तियों में उनके द्वारा किये अभूतपूर्व कार्य अभी भी लोग भूले नहीं है। सडक पानी बिजली पेंशन स्वछता आदि के साथ साथ इन वस्तियों में अवैध नशे के काम को रोकने के लिये उनके कार्यों को सभी सहारते है। पूर्व पार्षद के अनुसार इस प्रकार के धार्मिक कार्यों से आस पास का माहौल अच्छा होता है। ओर बुरे परवर्ती के लोग कोशो दूर भागते है। वह इस शिव मन्दिर में बड़ी शक्ति मानते है ओर कहते है कि यहाँ पर जो सच्चे भाव से शिव की पूजा अर्चना करता है। उसको अवश्य उसका लाभ भगवान शिव देते है इसके गाँव में कही प्रमाण भी मौजूद है। साथ हीं ऐंसा भी देखा गया है कि जिसने यहाँ पर विरोध या इस प्रकार के कार्यों की अनदेखी की उसको भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़े. नरेश रावत कहते है कि भगवान शिव बड़े दयालु है ओर भोले है अगर क़ोई गलती करनें के बाद उनके चरणों में जाता है तो वह जल्दी उन्हें माफ भी कर देते है। ऐसे आयोजन समय समय पर होते रहेंगे बस जरूरत होती है लोगो के सहयोग की ओर साथ की।
