
दूर के विभिन्न वार्डों में गोवंश को लावारिस छोड़ने पर अब भारी जुर्माना लगेगा। नगर निगम जुर्माना राशि 2000 से बढ़कर ₹3000 तक करने पर विचार कर रहा है। इसके बाद रोजाना के हिसाब से 1000 की जगह ₹1500 जमा करने होंगे। यही नहीं नदी नॉले सड़कों पर में गोबर बहाने पर भी चालान की कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त की अध्यक्षता में उत्तराखंड व्यावसायिक डेरी परिसर अनुज्ञाकरण नियमावली 2024 को लेकर आयोजित बैठक में और भी कहीं बिंदुओं पर चर्चा की गई। डेरी पंजीकरण सबके लिए अनिवार्य होगा इसके लिए प्रति पशु ₹500 शुल्क तय है। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि समस्त डेरी संचालकों को नियम अनिवार्य रूप से मान्य होंगे। इस दौरान उपनगर आयुक्त गोपाल राम बेनीवाल भी मौजूद रहें।
5 से अधिक गोवंश होने पर डेरी शिफ्ट करने पर भी विचार
- देहरादून नगर निगम में फिलहाल ढाई सौ के करीब डेरी पंजीकृत है। जहां पांच या इससे ज्यादा गोवंश रखे गए होंगे उनक़ो शहर से बाहर शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए भूमि चिन्हित करनी होगी नगर निगम दरे निर्धारित करके गोबर का निस्तारण करवाने पर भी विचार कर रहा है। इस बैठक में डेरी के बेहतर संचालन को लेकर प्रोग्रेसिव डेरी फार्मर्स एसोसिएशन से भी सुझाव मांगे गए हैं।
