रेत-बजरी महंगी होने से दबाव में रियल एस्टेट

उफ ! ये महंगाई

मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और महंगे परिवहन ने देहरादून में निर्माण लागत को अचानक उछाल पर ला दिया है। सामग्री और मजदूरी दोनों के दाम बढ़ने से आम आदमी का घर देह बनाने का सपना डगमगाने लगा है। नतीजतन रियल एस्टेट बाजार सुस्त पड़ गया है और खरीदारों से लेकर निवेशक तक फिलहाल ‘इंतजार और नजर’ की रणनीति अपना रहे हैं।

हिमगिरि न्यूज देहरादून — खाड़ी देशों में तनाव के बीच माल भाड़ा-ढुलाई आदि कारणों के चलते लागत बढ़ने से निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। दूसरी ओर मजदूरी में भी इजाफा हो गया है। इससे जहां आम लोगों के अपना घर बनाने की इच्छा को झटका लगा है वहीं रियल एस्टेट सेक्टर की गति पर भी इसने ब्रेक लगा दिया है।

जानकारों के अनुसार, बीते तीन महीने में दून में निर्माण लागत में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। कारोबारियों का दावा है कि शहर में फ्लैटों की बिक्री 50 फीसदी तक गिर गयी हे ।फ्लेट खरीदने के इच्छुक लोगों के साथ ही निवेशक भी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं। इससे रियल एस्टेट कारोबार आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है।कारोबारियों के अनुसार, निर्माण सामग्री के दामों में पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सरिया, सीमेंट, ईंट के साथ-साथ वायर के बंडल की कीमत में करीब 67 फीसदी, पाइप में 50 फीसदी और मजदूरी में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। पेंट, पानी की टंकियों के दाम भी बढ़े हैं। विभिन्न सामग्री में हुई वृद्धि का औसत करीब 33 से 34 फीसदी बैठता है। कॉन्ट्रैक्टरों का कहना है कि लागत में यह वृद्धि सीधे तौर पर मकान निर्माण और रियल एस्टेट परियोजनाओं को प्रभावित कर रही है। 100 गज का मकान, जो कुछ समय पहले तक 30 लाख रुपये में तैयार हो जाता था, अब उस पर 35 से 40 लाख रुपये तक खर्च आ रहा हे।

ठेकेदार बोले

कम रेट पर काम लिया था, पूरा करना चुनौती

कॉन्ट्रैक्टर प्रकाश जायसवाल ने बताया, निर्माण सामग्री व मजदूरी महंगी होने का सर्वाधिक असर छोटे ठेकेदारों और स्थानीय कॉन्ट्रैक्टरों पर पड़ रहा है। इनमें से कई ने पुराने रेट पर काम लिया था, अब सामग्री महंगी होने से लागत अनुमान से काफी ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में कई सौदों में लाभ घट गया है, जबकि कई में नुकसान की स्थिति है। ठेकेदारों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से नए काम लेने से पहले लागत का बार-बार आकलन करना पड़ रहा है।

सामग्री, मजदूरी और परिवहन ने बढ़ाया दबाव

कॉन्ट्रैक्टर मोहम्मद इमरान अंसारी ने बताया कि निर्माण लागत में वृद्धि किसी एक कारण से नहीं हुई है। सरिया, सीमेंट, पाइप, वायर और पेंट जैसी सामग्री के दाम बढ़ने के साथ मजदूरी और परिवहन लागत में भी इजाफा हुआ है। डीजल की कीमतों और दुलाई खर्च में 10 फीसदी वृद्धि का असर सीधे निर्माण सामग्री पर पड़ रहा है। यही वजह है कि मकान निर्माण की कुल लागत लगातार बढ़ रही है।

महंगाई कुछ येंसे बढी