हिमगिरि न्यूज देहरादून– प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 10 बिंदुओं पर सीधा जवाब मांगा।

गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता खुद को अधूरे और झूठे वादों से ठगा महसूस कर रही है। उन्होंने अंकिता हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए सीबीआई जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि माता-पिता की शिकायत के बजाय किसी तीसरे पक्ष की तहरीर को जांच का आधार क्यों बनाया गया। युवा और पलायन पर प्रधानमंत्री के पुराने बयान की याद दिलाते हुए गोदियाल ने कहा कि प्रदेश का युवा भर्ती घोटाले और बढ़ती नशाखोरी की चपेट में है। उपनलवालों के नियमितीकरण में देरी और 886 स्कूलों की बंदी पर भी घेरा।
पूछा-क्या राजस्व को खनन-शराब ही विकल्पः गोदियाल ने कुमाऊं में शराब की 55 नई दुकानें खोलने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने तीखा सवाल पूछा कि क्या सरकार के पास राजस्व बढ़ाने के लिए खनन और शराब ही विकल्प रह गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बोले-पोस्टमैन के रूप में उठा रहा हूं आवाज
गोदियाल ने कहा कि वे केवल ‘पोस्टमैन’ के रूप में जनता की आवाज केंद्र तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के पांच साल पहले देहरादून से दिए गए ‘डबल इंजन सरकार’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड को नंबर वन राज्य बनाने का वादा पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य महिला अपराध में शीर्ष पर पहुंच गया है, जहां पत्रकारों से लेकर पूर्व सैनिक तक सुरक्षित नहीं हैं।

