कमिश्नरेट : हरिद्वार नगर निगम में शामिल बहुचर्चित भूमि घोटाला मामले में मुख्यमंत्री पी. इसके अतिरिक्त, दो अधिकारियों का सेवा विस्तार भी समाप्त हो गया है। मामले की विस्तृत जांच अब विजिलेंस विभाग से कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस भूमि के किरदार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए कठोर कदम उठाए हैं। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और एसआईटी विभाग को पूरे प्रकरण की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं, इसलिए फिलाडेल्फिया की श्रृंखला पूरी तरह से उजागर की जा सकती है।
अवैयक्तिक पत्र लाइसेंस, बैचलर के निर्देश
संबंधित भू-स्वामियों से संबंधित जमीन का विक्रय पत्र (सेल डीडी) रद्द कर दिया गया है और संबंधित भू-स्वामियों से संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही स्टेक नगर कमिश्नर श्री वरुण चौधरी के जन्मदिन पर सभी कर्मचारियों का विशेष स्टॉक स्टॉक ऑर्डर भी जारी किया गया है।
अब तक की प्रमुख कार्यवाही:
| नाम | पद/स्थिति | स्थिति |
|---|---|---|
| कर्मेन्द्र सिंह | चतुर्थ श्रेणी निजीकरण, नगर निगम | : … |
| वरुण चौधरी | नगर निगम आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार | : … |
| अजयवीर सिंह | उपखंड अधिकारी, हरिद्वार | : … |
| निकिता बिष्ट | वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम | : … |
| विक्की | वयोवृद्ध वैयक्तिक सहायक | : … |
| कुमार राजेश | रेकले कानूनगो, तहसील हरिद्वार | : … |
| कमलदास | मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार | : … |
| आनंद सिंह मिश्रवाण | प्रभारी अधिकारी | पहले से निरीक्षण |
| लक्ष्मीकांत भट्ट | कर एवं राजस्व राजस्व | पहले से निरीक्षण |
| दिनेश चंद्र कांडपाल | निदेशक | पहले से निरीक्षण |
सेवा समाप्त:
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प्रियजन कुमार कॉर्पोरेशन – प्रभारी सहायक नगर आयुक्त
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वेदपाल – संपत्ति स्वामी
मुख्यमंत्री पुरूषोत्तम सिंह धामी ने कहा,
“हमारी सरकार ने पहले ही दिन से स्पष्ट कर दिया है कि लोकसेवा में ‘पद’ नहीं बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘उत्तरदेही’ प्रमुख हैं।
इस भूमि में गढ़वाल नगर निगम द्वारा ग्राम सराय क्षेत्र में कूड़े के ढेर के समीप स्थित अनुप 2.3070 हेक्टेयर भूमि को करोड़ों करोड़ में अरबों में जाने पर सवाल उठाया गया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सचिव रणवीर सिंह चौहान द्वारा तैयार कर शासन को 29 मई को रद्द कर दिया गया था, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई थी
