हिमगिरि न्यूज देहरादून— क्षेत्र की छह नंबर पुलिया स्थित शराब के ठेके के बाहर शुक्रवार रात हुई फायरिंग की घटना के विरोध, में शनिवार को स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस नेताओं के साथ शराब के ठेके पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक ठेका बंद रखा और आबकारी विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शराब की दुकान को तत्काल हटाने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अधिकारियों का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसे जिलाधिकारी के नाम संबोधित किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आबादी के बीच संचालित इस ठेके के कारण आए दिन झगड़े, मारपीट और कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा होती रहती हैं। शुक्रवार रात हुई फायरिंग की घटना ने क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ेकर दिए हैं।
इस दौरान कहा गया कि दो पक्षों के विवाद के बाद हुई गोलीबारी में दो युवक घायल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में का माहौल है स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से ठेका हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जनहित और सुरक्षा को देखते हुए ठेके को तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने गोलीकांड में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनीत प्रसाद भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता सूरत नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष सरिता बिष्ट, पूर्व पार्षद नरेश रावत(नरी) सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बिमारी बहुत पुरानी जो अब केन्सर का रुप मे बदल गयी स्थानीय लोगो का ठेके के कारण जीना हुआ बेहाल — नरेश रावत पूर्व पार्षद वार्ड 65 कांग्रेस ।
पूर्व पार्षद नरेश रावत बताते हे कि यहा इस ठेके को स्थानांतरण करने की लगातार आबकारी बिभाग भरोशा देता आया हे लैकिन फिर रातो रात इस ठेके का रिनिवल उसी ब्यक्ति को कर दिया जाता हे जिसके नाम यह 10 साल पहले लॉटरी खुली थी स्थानीय स्तर पर बडी बडी घटनायें पहले भी हो चुकी हे यहा तक कि हर रोज यहा आस पास की कालोनियों की महिलाओं को शराबियो द्वारा छेडा जाता हे चौरियां आये दिन यहा पर होती रहती हे आस पास सैकडों दुकाने हे जिनपर शराबियो को बिठा कर खुलेआम शराब पिलाई जाती है। जिस पर स्थानीय पुलिस की तरफ से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती है साल में एक-दो बार सभी दुकानदारों का चालान करने की प्रक्रिया स्थानीय थाने द्वारा हो जाती है लेकिन उसके बाद फिर से सभी दुकान अपने पुराने काम पर लौट जाती है पूर्व पार्षद बताते हैं कि इस ठेके को हटाने के लिए उन्होंने अपने कार्यकाल में शासन प्रशासन से लेकर स्थानीय विधायक तक को पत्र दिए लेकिन किसी ने भी आज तक सुध नही ली।अब हाल यह हे कि घरो के अन्दर युवा बुजुर्ग अत्याधिक शराब पीने के कारण बिमारी से मर रहे हे इलाज करवाने मे मर रहेहे । और घर के बच्चे महिलाये बाहर शराबियो की हंगामे और आये रोज से लड़ाइ झगडो से ।
बिजनोर से जुडे हे गोली चलाने वालो के तार पुलिस की दबिश
रायपुर पुलिस रिंग रोड में चली गोली के मामले में हमलावरों के नजदीक पहुंचती दिख रही है। संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस टीमें बिजनौर में दबिश दे रही हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि फायरिंग से पहले शराब के ठेके से कुछ दूरी पर विवाद हुआ था। रंजिश के कारण दो गुट आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग की थी। तीन जुलाई की रात रायपुर थाना क्षेत्रांतर्गत रिंग रोड के पास शराब के ठेके के बाद फायरिंग हुई थी। इस फायरिंग में दो युवकों को गोली लगी थी। गोलीं किसने चलाई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शनिवार को पुलिस ने दोबारा घायलों के बयान दर्ज किए रायपुर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें कुछ संदिग्धों की आवाजाही पुलिस को दिखी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को जानकारी मिली है कि गोली चलने से पहले दो गुटों में विवाद हुआ था और दोनों के बीच पुरानी रंजिश भी थी। इसी कारण शुक्रवार को दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे। हाथापाई के बाद एक गुट ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी ।


