स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए निर्वाचन आयोग की तैयारी के बीच राजनीतिक दल भी बूथ स्तर पर अपने एजेंट नामित करने में जुटे हैं. इसके लिए एक तय प्रक्रिया के रूप में राजनीतिक दलों द्वारा निर्वाचन आयोग को बीएलए की सूची दी जा रही है. वैसे तो पूरे प्रदेश में 70 सीटों के लिए कुल 11 हजार 733 एजेंट बनाए जाने हैं. लेकिन कोई भी राजनीतिक दल अब तक इस संख्या के आस पास तक पहुंचता नहीं दिखाई दिया है.
कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर: खास बात यह है कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस मुख्य दलों के रूप में सबसे ज्यादा एजेंट नामित कर पाई हैं. लेकिन बीएलए की कुल संख्या का आकलन करें तो कांग्रेस का प्रदर्शन इस मामले में सबसे बेहतर नजर आ रहा है.
बीएलए नियुक्त करने में छूट रहे पसीने: भारतीय जनता पार्टी का सभी विधानसभा सीटों पर बीएलए बनाने में पसीना छूट रहा है. ऐसी तमाम विधानसभा सीटें हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी अपना एक भी एजेंट नामित नहीं करवा पाई है. हालांकि कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की भी यही स्थिति है. लेकिन भाजपा के मुकाबले कांग्रेस की गिनती ज्यादा बेहतर है.
जिले वार आंकड़े: उत्तराखंड निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जिलेवार आंकड़ों को देखें तो उत्तरकाशी जिले में 544 बूथ में से भाजपा 422 तो कांग्रेस 300 बीएलए तय करवा पाई है. इसी तरह चमोली जिले में 592 बूथ में से भाजपा 552 और कांग्रेस 575 बीएलए बना चुकी है. रुद्रप्रयाग जिले में 362 में से भाजपा 359 तो कांग्रेस 362 यानी 100 फीसदी बीएलए बना चुकी है. टिहरी गढ़वाल जिले में 963 में से भाजपा 619 तो कांग्रेस ने 670 बीएलए बनाए हैं. देहरादून जिले में 1882 में से भाजपा 912 तो कांग्रेस 1047 बीएलए नियुक्त कर चुकी है.
जिले वार आंकड़े: हरिद्वार जिले में 1715 में से भाजपा 946 तो कांग्रेस 1523 बीएलए बना चुकी है. पौड़ी जिले में भी 945 में से भाजपा महज 486 तो कांग्रेस 778 बीएलए बनाने में कामयाब रही है. इसी तरह पिथौरागढ़ में 611 बूथ में भाजपा 611 यानी 100 फीसदी बीएलए बना चुकी है जबकि कांग्रेस यहां पर महज 211 बीएलए ही बना पाई है. बागेश्वर जिले में 381 बूथ में भाजपा ने 215 और कांग्रेस ने 330 बीएलए बनाए हैं. अल्मोड़ा जिले में 920 बूथ में भाजपा ने 494 तो कांग्रेस ने 613 बीएलए बनाए हैं.
जिले वार आंकड़े: इसी तरह चंपावत जिले में 344 बूथ में भारतीय जनता पार्टी ने सभी 344 एजेंट नामित किए तो कांग्रेस 307 एजेंट बना पाई. नैनीताल जिले में 1010 बूथ में भाजपा ने 920 और कांग्रेस ने 643 बीएलए बनाए. इसी तरह उधम सिंह नगर जिले में 1464 बूथ में भाजपा महज 285 बीएलए बना पाई तो कांग्रेस ने 609 एजेंट बनाए हैं.
इस तरह कुल संख्या देखें तो प्रदेश भर में 11,733 बूथ में भारतीय जनता पार्टी 7165 बीएलए बना पाई तो कांग्रेस ने 7968 बीएलए बनाए हैं. जिससे साफ है कि कांग्रेस भाजपा के मुकाबले 803 बीएलए ज्यादा बनाने में कामयाब रही है.
इस मामले पर कांग्रेस का कहना है कि,
भारतीय जनता पार्टी जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह प्री एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बूथ एजेंट तक तय नहीं कर पा रही है. जबकि इस मामले में कांग्रेस भाजपा से कई आगे निकल चुकी है और अधिकतर सीटों के लिए एजेंट के नाम दिए जा चुके हैं.
-अमेंद्र बिष्ट, कांग्रेस नेता-
इन सीटों पर भाजपा नहीं कर पाई बीएलए नियुक्त: राज्य में ऐसी 19 विधानसभा सीटें हैं, जहां पर भारतीय जनता पार्टी एक भी बीएलए का नाम नहीं दे पाई है. विधानसभा सीटों की बात करें तो इसमें चकराता, विकासनगर, धर्मपुर, राजपुर रोड, देहरादून कैंट, ज्वालापुर, रुड़की, मंगलौर, हरिद्वार ग्रामीण, यमकेश्वर, लैंसडाउन, द्वाराहाट, सल्ट, रानीखेत, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज और नानकमत्ता में कोई बीएलए नामित नहीं हो पाया है.
खास बात है कि इन 19 सीटों में से विकासनगर, धर्मपुर, राजपुर रोड, देहरादून कैंट, रुड़की, यमकेश्वर, लैंसडाउन, सल्ट, रानीखेत, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज और नानकमत्ता यानी 13 विधानसभा सीटों पर भाजपा के ही विधायक हैं. लेकिन फिर भी भाजपा इन सीटों पर पीछे नजर आ रही है.
इन सीटों पर कांग्रेस नहीं कर पाई बीएलए नियुक्त: इसी क्रम में कांग्रेस की बीएलए नियुक्ति न करवा पाने वाली विधानसभा सीटें देखें तो इसमें चकराता, विकास नगर, राजपुर रोड, झबरेड़ा, डीडीहाट, पिथौरागढ़, खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज और किच्छा कुल 10 विधानसभाओं में पार्टी एक भी बीएलए तय नहीं कर पाई है.
वहीं इन 10 सीटों में से चकराता, झबरेड़ा, पिथौरागढ़, खटीमा और किच्छा यानी कुल 5 सीटों पर कांग्रेस दल के ही विधायक हैं. लेकिन फिर भी बीएलए नियुक्त कर पाने में पीछे हैं.
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी का अपना अलग रुख है. पार्टी की मानें तो,
अभी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से विभिन्न सीटों पर बीएलए के नाम दिए जा रहे हैं. कांग्रेस को इस मामले पर अपनी तैयारी देखनी चाहिए. भाजपा अपने स्तर से बीएलए को लेकर काम कर रही है.
-मथुरा दत्त जोशी, भाजपा नेता-
