
कुछ कर गुजरने की चाहत नें बना दिया पौड़ी गढ़वाल के इस युवा को गौ रक्षक
हिमगिरी न्यूज़-खबर सच हैं—–कहानी एक ऐसे युवा की है। जिस युवा ने नौकरी को ठोकर मार कर समाज हित में काम करने का निर्णय लिया और समाज को एक नई दिशा देने का काम किया हैं। आज उस युवा की चोन्दकोट पट्टी हीं नहीं आस पास की अन्य पट्टियों में भी चारों तरफ तारीफ हो रही है। आज सब उस युवा के बारे में जानने के लिए उत्सुक है। साथ हीं हमारे पहाड़ों के युवा उससे बहुत सीख रहें है। ऐसे ही युवा की कहानी मैं आप सबको बता रहा हूं। जिसका नाम नवीन सिंह रावत पुत्र श्री बुद्धि सिंह रावत ग्राम जैतोली मल्ली जिला पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड हैं । पढ़ाई के बाद आम युवाओं की तरह नवीन रावत भी रोजगार के लिए इधर-उधर शहरों में गए. यहां तक की वह भारतीय सेना में भी होकर के आ गए। लेकिन उनके मन में कुछ कर गुजरने का सपना था उन्हें किसी प्रकार का रोजगार रास नहीं आया जिस कारण वह अपनी जन्म भूमि में आकर रहने लगे और उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर के एक संस्था का निर्माण किया। चोन्दकोट गोवंश -संरक्षण एवं जनविकास समिति। इसी बैनर के तले उन्होंने ऐसा काम किया कि पूरे इलाके में शायद ही इससे पहले किसी ने इस तरह का कार्यक्रम किया हो। आज पूरे चोन्दकोट छेत्र में चारों तरफ इस युवा की जमकर तारीख हो रही है।

जिन जानवरों को लोग मरने के लिए छोड़ देते हैं। उन जानवरों का बना नवीन रावत सहारा
अक्सर बचपन से हम देखते आए हैं। ओर आज भी हम देख रहे हैं कि लोग अपनी गायों को या ऐसे जानवरों को छोड़ देते हैं जो दूध देना बंद कर देते हैं या जो जानवर लाभदायक नहीं होता है। ऐसे पशुओं के साथ लोग कुरूरता करते देखे गए हैं। आज भी लोगो की यही मानसिकता हैं। लोग जब अपने जानवरों को जंगल में दूर छोड़ते हैं, तो जानवर उनके घर वापस आ जाते हैं ऐसे में लोग गायों को एकांत जंगल में बांधने से भी नहीं डरते जिससे गाय की कुछ दिन में भूख और तीस से मृत्यु हो जाती है। यही पीड़ा शायद नवीन रावत को दिल हीं दिल में खाती रही हो। आज यही पीड़ा नवीन रावत के लिए आज सेवा का काम बन गई। आज नवीन रावत ने अपने इलाके के जितने भी लोगों द्वारा छोड़े हुए पशु थे उन सब पशुओं को एकत्रित करके अपने ही खेतों में उन्हें रखना स्टार्ट किया और उनका संरक्षण करने का काम किया आज नवीन रावत के पास ऐसी ही सैकड़ो गाय जानबर हैं। जिनको अपने और अपने साथियों के द्वारा किए गए खर्चे में देखभाल कर रहे हैं। और उन सभी अनाथ जानबरों के लिए एक सहारा बने हुए हैं पिछले 2 साल में नवीन रावत और उनके साथियों द्वारा ऐसे सैकड़ो गायों को अपने बाड़े में लाया गया है। बतादे की अभी तक सरकार की तरफ से नवीन रावत ओर उनकी संस्था को किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है। वह इसके लिए कहीं बार प्रयास भी कर चुके हैं।
गांव के ही एक ब्लॉगर कमल रावत और उनकी टीम आई इस संस्था को मदद पहुंचाने

गांव के ही एक पढ़ा लिखा युवा जो अपने क्षेत्र और आसपास के गाँव की वीडियो और गांव की हालत दिखाकर अपने चैनल पर अपनी संस्कृति सभ्यता बोली भाषा का संरक्षण के लिए काम करते हैं व पूरे क्षेत्र के लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़कर रखते हैं। कमल रावत और उनकी टीम की नजर जब नवीन रावत के इस काम पर पड़ी तो उन्होंने इन जानवरों और जानबरों के बाड़े के बारे में अपने यूट्यूब चैनल और अपने फेसबुक पेज में इस विषय डाला जिसमें उन्होंने लोगों से गायों की देखभाल के लिए उनके भोजन के लिए अपने माध्यम से निवेदन किया कि जिससे जो भी हो सके नवीन रावत की हेल्प करें। इसके बाद कुछ लोगों ने कमल रावत की बात मानकर गायों के लिए अपनी ओर से कुछ चंदा भेजा जिसे कमल रावत ने व उनकी टीम ने ईमानदारी से जानवरों की देखभाल खाना आदि में खर्च किया। इसमें कहीं लोग आगे आए लोगों ने अपनी ओर से लाइटे जाली तिरपाल बाड़ा बनाने के लिए अपनी ओर से मदद दी और आगे भी मदद लगातार देने का भरोशा दिया।
एक बहुत बड़ा लाभ जानबरों के इस बाड़े से मिल रहा है आसपास क्षेत्र वासियों को
नवीन रावत के गायों के बाडे में बहुत सारी ऐसी गाय आ जाती है। जो की वहां आने के बाद दूध देने लायक हो जाती है। और कही गायों के बच्चे भी हो जाते है। ऐसे में नवीन रावत जी का कहना है कि वह उन गायों को क्षेत्र मैं किसी जरूरतमंद को दे देते हैं। जिससे कि गाय के दूध से सम्बंधित परिवार का भरण पोषण होता है. और एक बात और सामने आई है की कहीं ऐसे बुजुर्ग लोग जो बीमार हो जाते हैं। या जानवरो की देखभाल नहीं कर सकतें या उन्हें कही जाना पड़ता है। तो येसे लोग अपनी गाय कुछ दिनों के लिए नवीन रावत और उनकी संस्था को सौंप देते हैं। जिससे वहां पर उन जानवरो की अच्छे से देखभाल हो जाती है। जब वहां परिवार या बुजुर्ग अपने घर वापस आते हैं। अपनी गाय को वापस अपने घर ले जाते हैं। ऐसा लाभ भी आसपास रहने वाले ग्राम वासियों को मिल रहा है जो अपने आप में एक बहुत अच्छा कार्य है

सरकार को और पशु प्रेमियों को करनी चाहिए ऐसी संस्था की मदद
जैसे की नवीन रावत बता चुके हैं की गायों के संरक्षण के लिए उनकी संस्था ने सरकार को पत्र भेजे हैं। लेकिन अभी तक उनको मदद नहीं मिली। ऐंसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को व क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ज़ी को नवीन रावत की मदद के लिए आगे आना चाहिए और इन जानवरों के संरक्षण के लिए इस संस्था को आर्थिक मदद करनी चाहिए। जिससे कि यह संस्था और जोश से गो संरक्षण का काम कर सके और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर सके। पशु प्रेमियों से भी निवेदन है की जिन जानवरों को तिल तिल कर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। उन जानवरों की आज नवीन रावत ओर उनकी संस्था अच्छे से देखभाल कर रही है ऐसे में उनकी संस्था को मदद के लिए सभी पशु प्रेमियों को आगे आना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म में गाय केवल एक पशु नहीं गाय को हमारी माता भी कहा गया है और गाय माता के संरक्षण के लिए इतना अच्छा कार्य अगर हो रहा है। तो हमें तन मन और धन से नवीन रावत जैसे युवाओं की मदद करनी चाहिए।
